ज़मीनें खा गई, लोग कैसे-कैसे? या लोग खा गए, ज़मीने कैसी-कैसी? या जुए वाला सिस्टम और राजनीती खाता रहा है और खाता रहेगा इंसान कैसे-कैसे? रिश्ते कैसे-कैसे? ज़मीने कैसी-कैसी? और जीव कैसे-कैसे? नौटंकियाँ, हकीकत और ज़िंदगियाँ? सिर्फ कुछ दिखाने या बताने के लिए? या सच में ज़िंदगियों को बदलने के लिए? अच्छे या बुरे केContinue reading “जमीन के कोढ़ की अजीबोगरीब राजनीती (जंग कालिखि?)”
Author Archives: Vijay Dangi
किसकी ज़मीन?
आप जब दो-चार घंटे के लिए, वो भी दस-पन्दरह दिन में कहीं आते-जाते हैं, तो उस जगह को, उन आदमियों को नहीं जानते, वैसे — जैसे, जब किन्ही भी वजहों से आपको वहाँ रहना पड़ जाए। और कब तक, ये भी मालुम ना हो। इसी दौरान कुछ अजब से पहलुओं से मुलाकात हुयी, हमारी अपनीContinue reading “किसकी ज़मीन?”
बाहरी दखल और सामानांतर केस
जितना ज़्यादा आप सामानांतर केसों का विश्लेषण करेंगे, उतना ही समझ आएगा की अपने आप जैसा कुछ नहीं है। बहुत जगह, बहुत तरह के जबर्दस्ती घड़ने के तरीके हैं। चालाकी और धूर्तता के तरीके हैं। जो केस जितना ज्यादा एक जैसा-सा दिखता है, उसमें उतनी ही ज्यादा जबरदस्ती घड़ाई हुई है। जो बाहरी दख़ल केContinue reading “बाहरी दखल और सामानांतर केस”
Introduce Yourself (Example Post)
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