ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 17

अशोक भाई साहब, आप ईमेल करने वाले थे, “वो प्रॉपर्टी जो आपकी ना है और ना होगी”, जिसको आप कह रहे हैं की हमने खरीद ली है। दो बोतल देकर? घर वालों के विरोध के बावजूद? खासकर, सुनील की बड़ी बहन, विजय के विरोध के बावजूद? सुना है, कानून के अनुसार उस दादालाही जमीन मेंContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 17”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 16

 धोखाधड़ी और खास तरह का व्यवहार एक ही बात हैं?  6-7-2025 (श्याम का वक़्त है, टाइम देखा नहीं। शायद, 7.00 PM के करीब)    अभी आंटी को मिलने आए हैं। इस (ज़मीन) विषय पर फिर कभी बात करेंगे।  फिर कभी कब? फिर कभी तो मिलते ही नहीं आप। ना स्कूल मिलते और ना घर। वक़्त नहींContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 16”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 15

हमारे यहाँ पुलिस ऑफिस, कुछ केसों में एक aknowledgement तक नहीं देते? ऐसे ही अपने आप decide कर लेते हैं, की ये ना तो रजिस्टर करना और ना ही aknowledge?  शायद aknowledge तो हर complain का बनता है? क्यूँकि, कोई अगर आपके ऑफिस तक कोई समस्या रखता है, तो किसी उम्मीद में ही ईमेल करता होगा? कोर्टContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 15”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 14

बड़े दिनों बाद आज आखिर मुलाकात हुई, अशोक भाई से और साथ में उनके परिवार से, चाची को मिलने आए थे। मेरे जैसे तो सिर हो जाते हैं ऐसे ही? खासकर, जब लोग जमीन हड़पकर या ऐसा कोई काम या काँड कर, दूर-दूर भागने लगें? ऐसा ही? बात तो वो आज भी नहीं करना चाह रहे थे।Continue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 14”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 13

 जुआरियों के धंधे में  आप वहाँ बैठे हैं  जहाँ आपका अस्तित्त्व क्षण भर का रहा?  या सालों, दशकों पहले  आया गया हुआ?  आपकी जानकारी के बिना?  और कहीं-कहीं तो ऐसे कोढ़ो पर, जिन्हें आप नफरत करते हों?   जितना ज्यादा इस धंधे के कोढों को जानने की कोशिश करोगे, उतना ही इससे नफरत होती जाएगी। औरContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 13”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 12

 गुंडे जो जबरदस्ती दूसरों के घरों में घुसें? औकात है? गुंडे जो जबरदस्ती या धोखाधड़ी से अर्थियों के ढेर लगाएँ? औकात है? गुंडे जो जबरदस्ती या धोखाधड़ी से, दूसरों की जमीनों को हड़पने की कोशिश करें?    औकात है?   बड़ी औकात कांता भाभी तेरी? या तेरे गुंडे की? ओह ! भतीजे।  2-कनाल के लिए कितनी औरContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 12”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 11

 शिक्षा और राजनीती का क्या लेना-देना है, इस केस में? राजनीती का तो सारा ही है। समाज की सब समस्याओं की जड़ है राजनीती। हालाँकि, समाधान भी वहीं हैं। मगर राजनीतिक रस्तों से अगर समाधान निकालने की कोशिश करोगे, तो शायद आपकी ज़िन्दगी ही नहीं, आपकी कई पीढ़ियों की ज़िंदगियाँ खप जाएँ।  कोर्ट्स का भीContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 11”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 10

स्कूल और दो कनाल ज़मीन (Protection?) (ये पोस्ट दिसंबर 2024 की है, जब ये सब चल रहा था तभी की)  सुना है उसकी जान को खतरा है? शराब से? या दो कनाल से? या किसी और चीज से? जिन्हें राजनीतिक जुए की मार आम लोगों पे कैसे-कैसे होती है, को जानना हो, वो इस शराब लत वाले इंसानContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 10”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 9

कोई अपना शायद ऐसा ही सोचेगा? और ऐसा ही कुछ करने की कोशिश करेगा? थोड़े कम पढ़े लिखे और बेरोजगार लोग, अगर अपना कुछ पढ़ाई-लिखाई से सम्बंधित शुरु करेंगे, तो ना सिर्फ साफ़-सुथरे, बने-ठने, साफ़-सुथरी जगह रहेंगे। बल्की, अच्छा बोलेंगे और कुछ न कुछ रोज नया सीखेंगे। राजनीती के दुरुपयोग करने वालों से या जालोंContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 9”

ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 8

 फोटुओं की कहानी, बड़ी अजीब होती हैं वैसे? ये भी यहीं आकर पता चला। आसपास सुने, किस्से-कहानी।  बला, फलाना-धमकाना मोबाइल में फलाना-धमकाना की फोटू लिए हांड्य सै। सुथरी, पढ़ी-लिखी छोरी की फोटू लागय सै, अर न्यूं कह सै अंडी, या तेरी होण आली भाभी।  अर छोरी किहअ और की अ लेहें बताई। भाई यो साँगContinue reading “ज़मीनखोरों के ज़मीनी धंधे, शिक्षा और राजनीती के नाम पर 8”