आपका घर कहाँ है?

आपका घर कहाँ है?

ये प्रश्न 

“बेचारे तबकों” में शायद हर औरत का है? 

नहीं। 

हर बेहद गरीब इंसान का है? 

फिर इससे फर्क नहीं पड़ता 

की आप लड़की हैं या लड़का 

अगर लड़की हैं तो 

इससे भी फर्क नहीं पड़ता 

की आप दादी हैं?

माँ हैं?

बुआ हैं?

बहन हैं?

बेटी हैं?

या बहु? 

अगर आप लड़का हैं तो भी 

कुछ-कुछ ऐसा ही है। 

फिर किससे फर्क पड़ता है?

दादागिरी से?

गुंडागर्दी से?

सभ्यता से?

संस्कारों से? 

रीती-रिवाज़ों से?

या? 

आप कहाँ रहते हैं? 

और कैसे लोगों के बीच रहते हैं, शायद इससे?

Published by Vijay Dangi

Curious at life, evolved with molecular and synthetic media. Author? Researcher? Academician? Writer? Science Communicator?

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